जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन | Public Relations Department, Government of Chhattisgarh |
Logo
छत्तीसगढ़ शासन
जनसंपर्क विभाग
Logo Logo

मंत्रिपरिषद परिचय


मंत्रिपरिषद- परिचय

नाम परिचय

 

श्री रामविचार नेताम

श्री रामविचार नेताम आदिम जाति विकास,  कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव  प्रौद्योगिकी, मछली पालन , पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम का जन्म सरगुजा संभाग के जिला बलरामपुर के ग्राम सनावल में एक मार्च 1962 में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री रामलोचन और माता स्वर्गीय श्रीमती जिदहुलिया देवी थी। उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा सिंह है। उनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। उनकी अभिरुचि संगीत, कला, पर्यटन क्षेत्र में है। उनका व्यवसाय कृषि है। श्री नेताम का जीवन संघर्षों और उपलब्धियों से भरा हुआ है। कृषि, बागवानी और खेल के प्रति विशेष रूचि रखने वाले श्री नेताम ने अपने सार्वजनिक जीवन में जनहित को सदैव प्राथमिकता में रखकर कार्य किया।

श्री रामविचार नेताम ने पाठशाला से कॉलेज तक का सफर चुनौतियों से जीतकर तय किया। सुदूर ग्रामीण अंचल में पले-बढ़े श्री नेताम शिक्षा के प्रति विशेष रूचि रखते हैं, उन्हें अध्ययन अध्यापन दोनों में रूचि है, इसी रूचि ने उन्हें शाला नायक से शिक्षक की भूमिका तक पहुँचाया। वह रामचन्द्रपुर ब्लॉक (सरगुजा) चाकी गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षक पदस्थ रहे। शिक्षक रहते हुए उन्होंने समाज सेवा का संकल्प लेकर सामाजिक जीवन में पदार्पण किया।

उनकी विशेष उपलब्धियों में छात्र जीवन से ही जनहित के मुद्दे पर संघर्ष, गरीबों के लिए आंदोलन, तेन्दूपत्ता मजदूरों व अन्य मजदूरों के मजदूरी बढ़ाने को लेकर आंदोलन, विधायक रहते हुए किसानों की लड़ाई लड़ते 11 दिन जेल जाना पड़ा।
श्री नेताम वर्ष 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1993, 1998, 2003, 2008 और वर्ष 2023 में विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2003 से वर्ष 2005 तक वे छ.ग. शासन में आदिम जाति कल्याण एवं राजस्व, वर्ष 2005 से वर्ष 2008 तक गृह, जेल एवं सहकारिता, वर्ष 2008 से वर्ष 2012 तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विधि-विधायी, वर्ष 2012 से वर्ष 2013 तक जल संसाधन, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री रहे। श्री नेताम जून 2016 से जून 2022 तक राज्यसभा सांसद भी रहे। श्री नेताम ने यू.एस.ए. (अमेरिका) नार्वे, जर्मनी, स्वीडन, दुबई, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैण्ड, अफ्रीका, सिएरा लियोन जैसे देशों की यात्राएं की है।

 

श्री दयालदास बघेल


श्री दयालदास बघेल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्री दयालदास बघेल का जन्म 1 जुलाई 1954 को बेमेतरा जिले के नवागढ़ तहसील के ग्राम कुंरा में हुआ। उनके पिता का नाम श्री बसावन बघेल है। उनकी पत्नी श्रीमती अमला बघेल हैं। उन्होंने कक्षा 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके दो पुत्र और चार पुत्रियां हैं।

मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अपने गांव कुंरा में सरपंच के रूप में की थी। इसके बाद वे जिला पंचायत दुर्ग के सदस्य बने। वर्ष 2003 में श्री दयाल दास बघेल पहली बार विधायक निर्वाचित हुए तत्पश्चात वर्ष 2008 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए, वर्ष 2013 में तीसरी बार विधायक बने और वर्ष 2023 के विधानसभा नवागढ़ क्षेत्र से चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए।  
मंत्री श्री दयालदास बघेल वर्ष 2004 में छत्तीसगढ़ विधानसभा की प्राक्कलन समिति, पुस्तकालय समिति के सदस्य रहे। वर्ष 2008 में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ शासन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मंत्री भी रहे और छत्तीसगढ़ विधानसभा की शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, आचरण समिति, सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति के सदस्य रहे। वर्ष 2014-15 में वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के सभापति सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति-सदस्य सामान्य प्रयोजन समिति रहे। मंत्री श्री बघेल वर्ष 2015 में सहकारिता, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के मंत्री रहे।

 

श्री केदार कश्यप

श्री केदार कश्यपवन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन , सहकारिता , संसदीय कार्य मंत्री श्री केदारनाथ कश्यप का जन्म 5 नवम्बर 1974 को फरसागुड़ा, ग्राम व पोस्ट-भानपुरी, जिला बस्तर (छ.ग.) में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री बलीराम कश्यप और उनकी माता का नाम श्रीमति मनकी बाई कश्यप हैं। इनकी पत्नी का नाम श्रीमती शांति कश्यप है। इनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। श्री कश्यप की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर (एम.ए. हिंदी साहित्य) है। इनकी अभिरूचि कृषि, सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र में रही है। इनकी विशेष उपलब्धियों में जावंगा एजुकेशन सिटी, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बेसोली, करपावड़, नारायणपुर और ओरछा की स्थापना शामिल है। श्री केदार कश्यप वर्ष 2003 में प्रथम बार विधायक निर्वाचित हुए, दूसरी बार वर्ष 2008 में विधायक निर्वाचित हुए और मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग के पद पर रहे। इसी तरह वर्ष 2013 में तीसरी बार निर्वाचित होकर मंत्री आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, स्कूल शिक्षा के पद पर रहे। श्री केदार कश्यप संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर अपने कर्तव्यों का कुशल निर्वहन कर रहे हैं।

श्री लखन लाल देवांगन

 
श्री लखन लाल देवांगन वाणिज्य एवं  उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम , वाणिज्यिक कर (आबकारी ) श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का जन्म 12 अप्रैल 1962 को कोरबा में हुआ। उन्होंने बी.ए. प्रथम वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता स्व. तुलसीराम देवांगन हैं। उनकी धर्मपत्नी का नाम श्रीमती रामकुमारी देवांगन है, उनके एक पुत्र एवं 3 पुत्री हैं। उनके परिवार का मुख्य व्यवसाय कृषि है। श्री देवांगन का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव के संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा। वे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

श्री लखन लाल देवांगन वर्ष 1999 में प्रथम बार कोरबा नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके पश्चात वह 2004 में नगर पालिका कोरबा के महापौर चुने गए। वर्ष 2013 में श्री देवांगन कटघोरा विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीसगढ़ शासन में उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। 2023 के विधानसभा चुनाव में वह कोरबा विधानसभा सीट से विधायक के रूप में विजयी हुए।

 

श्री श्याम बिहारी जायसवाल

श्री श्याम बिहारी जायसवाललोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास ,बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल का जन्म 01 अक्टूबर 1976 को ग्राम रतनपुर पोस्ट तामाडांड जिला कोरिया में हुआ। इनके पिता का नाम स्व. श्री सूरजदीन जायसवाल है। श्री बिहारी ने रसायन शास्त्र में एम.एससी. की डिग्री ली है। इनका विवाह 26 अप्रैल 1998 को श्रीमती कांति जायसवाल से हुआ है। इनके 2 पुत्र एवं 1 पुत्री हैं। इनका मुख्य व्यवसाय कृषि एवं राईस मिलर है। श्री जायसवाल की अभिरूचि किताबें पढ़ना, समाज सेवा है। श्री जायसवाल वर्ष 2009 से 2013 तक खड़गांव के जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2013-2018 तक मनेन्द्रगढ़ विधायक रहे। तत्पश्चात वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पुनः मनेन्द्रगढ़ से विधायक निर्वाचित हुए हैं।

श्री ओ.पी. चौधरी

श्री ओ.पी. चौधरीवित्त, वाणिज्यिक कर (आबकारी को छोड़कर ) आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बायंग नामक गांव में एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ। उनके पिताजी श्री दीनानाथ चौधरी शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षक थे। जब वे केवल 8 वर्ष के थे और कक्षा दूसरी में पढ़ते थे, तभी उनके पिताजी का देहांत हो गया था। पिताजी के असामयिक निधन के बाद माँ कौशल्या का जीवन चुनौतियों से भरा हुआ रहा। माँ मात्र चौथी कक्षा तक पढ़ी हुई सामान्य गृहिणी हैं। उन्होंने अपने तीनों बच्चों की परवरिश में अपना सर्वस्व लगा दिया। श्री ओ.पी. चौधरी ने 5वीं तक की पढ़ाई प्राथमिक शाला बायंग, कक्षा 6वीं से 8वीं तक की पढ़ाई शासकीय मिडिल स्कूल जैमुरा और 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नन्देली में पूरी की। वे बचपन से ही कलेक्टर बनना चाहते थे। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर अत्यंत कम उम्र में 2005 में उनका चयन I.A.S. के लिए हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ से चयनित होने वाले वे प्रथम I.A.S. बने। उन्होंने I.A.S. में चयन के बाद अपनी कर्मभूमि के रूप में छत्तीसगढ़ को ही चुना।

श्री ओ.पी. चौधरी की जीवनसाथी डॉ. अदिति पटेल की सोच और मानसिकता भी उनके समरूप है। उन्होंने भी अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया है। उन्होंने भी 8 साल की उम्र में अपने पिता को खोया। डॉ. अदिति पटेल, मेडिकल कॉलेज रायपुर से एम.बी.बी.एस. करके डॉक्टर बनी और उसके बाद उन्होंने भी सिविल सेवा का रास्ता चुना और अपने प्रथम प्रयास में ही इण्डियन रेलवे पर्सनल सर्विस के लिए चयनित हुई। श्री ओ.पी. चौधरी ने कलेक्टर के रूप में दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा और रायपुर में सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभायी। दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी, लाइवलीहुड कॉलेज, छू लो आसमान, तमन्ना, नन्हे परिन्दे जैसी नवीन परियोजनाओं से नयी शिक्षा क्रांति लाकर नक्सलवाद की जड़ों पर प्रहार किया। उन्हें वर्ष 2011-12 में व्यक्तिगत श्रेणी में ‘‘ प्रधानमंत्री एक्सीलेंस‘‘ अवार्ड से सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर में युवाओं के लिए श्री ओ.पी. चौधरी ने नालंदा परिसर जैसी अद्वितीय और देश की प्रथम परियोजना को साकार किया। उन्होंने 13 वर्ष तक I.A.S.में सेवा देने के बाद अपनी 24 वर्ष की शेष बची नौकरी को छोड़कर राजनीति में आने का निर्णय लिया। वे आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के निर्माण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हैं।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेमहिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का जन्म 10 नवंबर 1992 को ग्राम कटोरा पटना जिला कोरिया में हुआ है। उन्होंने हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2022 में बी. ए. द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके पिता श्री ललित राजवाड़े है जो एसईसीएल के कर्मचारी रहे हैं। श्रीमती राजवाड़े का विवाह सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील के ग्राम बीरपुर निवासी श्री ठाकुर प्रसाद राजवाड़े के साथ हुआ है। श्रीमती राजवाड़े का मूल व्यवसाय कृषि है।
श्रीमती राजवाड़े ने 2011 से अपनी राजनैतिक जीवन की शुरूआत की। वह 2015 में सूरजपुर जनपद और वर्ष 2020 में जिला पंचायत सूरजपुर की सक्रिय सदस्य रही। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए उल्लेखनीय काम किया। इसके बाद वह 2023 में पहली बार भटगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गई हैं।

 

श्री टंक राम वर्मा


श्री टंक राम वर्मा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन , पुनर्वास , उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा का जन्म 12 जून 1962 को ग्राम चांपा (सैहा) तहसील बलौदाबाजार में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हुआ। श्री वर्मा के पिता का नाम स्वर्गीय श्री सोनचंद वर्मा है। उनकी माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती गैंदी वर्मा है। श्री वर्मा ने राजनीति शास्त्र और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री के साथ एल.एल.बी की भी डिग्री ली है। श्री वर्मा का विवाह श्रीमती किरण वर्मा से हुआ। श्री टंक राम वर्मा की समाज सेवा, ग्रामीण विकास, धार्मिक एवं समाजिक कार्य, गीत-संगीत एवं भौगोलिक भ्रमण में विशेष रूचि है। श्री वर्मा ने 2016 में धर्म प्रवाह, जनवरी 2017 में धर्म पथ एवं जनवरी 2018 में धर्म दृष्टि स्मारिका का प्रकाशन और निःशुल्क वितरण करवाया। जुलाई 2023 में दिशा (जीवनोपयोगी प्रेरक कथाएं) का प्रकाशन कराया।
     श्री वर्मा पहली बार 1979 में शास.उ.मा.शाला गूमा (पलारी) में छात्र संघ अध्यक्ष बने। तत्पश्चात 1982 में छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच ‘गरीब के गोहार‘ का गठन किया। वे 1986 में बी.टी.आई. महासमुंद छात्र परिषद के अध्यक्ष भी रहे और 1993 में शिक्षक संघ बलौदाबाजार विकासखण्ड के अध्यक्ष रहे। वे 1996 में शिक्षक संघ रायपुर जिला उपाध्यक्ष रहे। सन् 2000 में छ.ग. मनवा कुर्मी समाज पलारी के युवा अध्यक्ष रहे। श्री टंक राम वर्मा को 36 वर्ष की शासकीय सेवा में माननीय विधायक, सांसद, केन्दीय मंत्री भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगणों के साथ विगत 26 वर्ष तक कार्य करने का अनुभव रहा। वर्तमान में श्री वर्मा अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष, स्व. सोनचंद वर्मा स्मृति फाउंडेशन के संयोजक और उपाध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर भी हैं। वे वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।

 

श्री गजेन्द्र यादव  श्री गजेन्द्र यादव

स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव का जन्म 15 जून 1978 को दुर्ग (छत्तीसगढ़) में हुआ। उनके पिता का नाम श्री बिसरा राम यादव तथा माता का नाम स्व. कौशल्या बाई यादव है। इनकी पत्नी का नाम श्रीमती रेणुका यादव है। इनके एक पुत्र और एक पुत्री है।कृषक परिवार से आने वाले श्री यादव ने प्राथमिक शिक्षा मारवाड़ी विद्यालय दुर्ग से प्राप्त की, आगे की पढ़ाई सरकारी स्कूल दुर्ग से की और साइंस कॉलेज दुर्ग से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। साथ ही उन्होंने भिलाई से फिटर ट्रेड में आईटीआई भी किया।

छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने महज 21 वर्ष की आयु में अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र के पार्षद निर्वाचित होकर इतिहास रचा। बाद में पांच बार के पार्षद एवं पूर्व उपमहापौर को हराकर दुर्ग की राजनीति में सुर्खियों में आए। पिछड़ा वर्ग समाज को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती में अहम भूमिका निभाई।

सामाजिक जीवन में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। वे राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट-गाइड रहे और उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 23 हजार बच्चों द्वारा कर्मा नृत्य कर विश्व रिकॉर्ड, 1.53 लाख पौधों का रोपण और 10,622 बच्चों को यातायात प्रशिक्षण जैसे कार्य उनकी पहचान बने। उनके कार्यों से प्रभावित होकर  स्काउट गाइड के छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय भूमिका को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने प्रदेश को स्काउट गाइड का सर्वोच्च सम्मान दिया ।

श्री गुरू खुशवंत साहेब श्री गुरू खुशवंत साहेब

छत्तीसगढ़ शासन में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री के रूप में दायित्व का निर्वहन कर रहे गुरु खुशवंत साहेब जी का जन्म 27 मार्च 1989 को भंडारपुरी धाम, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) में एक धार्मिक एवं सामाजिक परिवेश में हुआ। भंडारपुरी धाम परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की पावन कर्मस्थली एवं सतनामी समाज की आस्था का केंद्र है। गुरु खुशवंत साहेब जी परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी  के वंशज हैं, जिससे उनका व्यक्तित्व आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक चेतना से आलोकित है।

उनके पूज्य पिताश्री राजागुरु धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी भंडारपुरी धाम गुरुगद्दीनसीन गुरूद्वारा के प्रमुख व सतनामी समाज के आस्था का सबसे बड़े केंद्र गिरौधपुरी धाम मेला विकास समिति के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय सतनाम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जो कि समाज में बड़ा प्रभाव रखते है।  उनकी माता राजमाता गुरु प्रवीण माता जी हैं। ऐसे दिव्य एवं अनुकरणीय संस्कारों में पले-बढ़े गुरु खुशवंत साहेब जी ने बाल्यावस्था से ही शिक्षा और सेवा को जीवन का मूल मंत्र स्वीकार किया।

गुरु खुशवंत साहेब जी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा टर्बो मशीनरी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की और वर्तमान में पी.एच.डी. की पढ़ाई कर रहे हैं। शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ वे कृषि, व्यवसाय (केडी ग्रुप – बिल्डर एवं मटेरियल सप्लायर) तथा समाजसेवा से भी जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे प्रदेश अध्यक्ष – अखिल भारतीय सतनाम सेना और सतनामी के धर्मगुरु के रूप में सतनामी समाज के उत्थान और संगठन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने स्कूल–कॉलेज के दिनों में खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपना परचम लहराया है। क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल के वे चैंपियन थे, साथ ही तत्कालीन भाषण, कविता पाठ एवं लेखन में भी अपनी वाकपटुता का लोहा मनवाते थे।

गुरु खुशवंत साहेब जी आरंग विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए है। उनकी सरलता, सेवा भाव और संगठनात्मक क्षमता ने उन्हें समाज एवं राजनीति दोनों क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान दिलाई है। आज वे युवाओं के लिए प्रेरणा और समाज के लिए आशा का केंद्र हैं।

धार्मिक परंपरा, सामाजिक चेतना, शिक्षा, सेवा और जनकल्याण – इन सभी गुणों का अद्भुत संगम गुरु खुशवंत साहेब जी के व्यक्तित्व में निहित है। वे न केवल सतनामी समाज, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशा का प्रतीक हैं।

श्री राजेश अग्रवाल श्री राजेश अग्रवाल

छत्तीसगढ़ शासन में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री श्री राजेश अग्रवाल का जन्म 1 जून 1967 को लखनपुर (सरगुजा) में हुआ। उनके पिताजी का नाम स्वर्गीय श्री चांदीराम अग्रवाल है, वे एक समाजसेवी थे। माताजी का नाम श्रीमती बीरमा देवी अग्रवाल है। श्री राजेश अग्रवाल का विवाह 4 दिसंबर 1992 को श्रीमती सुनीता अग्रवाल जी के साथ हुआ। उनके एक पुत्र एवं एक पुत्री है।

कृषि एवं व्यवसाय से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले श्री अग्रवाल को प्रारंभ से ही सामाजिक सेवा और धार्मिक कार्यों में गहरी रुचि रही है। उन्होंने 1983 में हायर सेकेंडरी स्कूल लखनपुर से अपनी शिक्षा पूरी की।

श्री अग्रवाल की राजनीतिक यात्रा जमीनी स्तर से शुरू हुई। वे 2002 से 2005 तक ग्राम पंचायत कुंवरपुर के उप सरपंच रहे, तत्पश्चात 2014 से 2019 तक नगर पंचायत लखनपुर के अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा की। अपनी सक्रियता, जनसंपर्क और समर्पण से वे 2023 के विधानसभा चुनाव में अंबिकापुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री पद की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

सामाजिक जीवन में भी उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय रहा है। वे 1989 से अपने पिता स्व. श्री चांदीराम अग्रवाल की स्मृति में लखनपुर ब्लॉक में क्रिकेट और फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर के भवन निर्माण हेतु भूमि दान किया तथा शिव मंदिर परिसर में हॉल और शेड निर्माण में सहयोग किया। उन्होंने नगर पंचायत लखनपुर क्षेत्र में हर नवजात कन्या के जन्म पर प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की शुरुआत की। इसके अलावा वे गरीब कन्याओं के विवाह में सहायता, विगत 15 वर्षों से वनवासी क्षेत्रों में ठंड के समय गर्म वस्त्रों का वितरण, तथा मेधावी व जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक सहयोग जैसे कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। वे सरगुजा संभाग के मारवाड़ी समाज में संरक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि रखने वाले श्री राजेश अग्रवाल एक सहज, सरल और सर्वसुलभ जनप्रतिनिधि हैं, जो अपने क्षेत्र की जनता के लिए सदैव समर्पित रहते हैं।

 


Nic Logo

कॉपीराइट © 2025 - सर्वाधिकार सुरक्षित- छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट, छत्तीसगढ़ सरकार, भारत

Website Content Managed by Ministry of Public Relations, Government of Chhattisgarh

Designed, Developed and Hosted by National Informatics Centre (NIC)

Last Updated: 23/01/2026 00:00:00
Today Hit Count : 390
Total Hit Count : 984072